तू ख़ुश रहे, आबाद रहे
हर लड़ाई में इंसान अपना कुछ स्टेक पर रख कर लड़ता है।कभी कोई रिश्ता, कभी जज़्बात, कभी एहसास तो कभी खुद इंसान। आज का दिन मेरे लिए बेहद ख़ास है। " तू ख़ुश रहे, आबाद रहे ताउम्र मेरी बस यही एक फरियाद रहे" आज उसका जन्मदिन है, रात के बर्थडे टेक्स्ट के रिप्लाई वह सुबह उठकर सबको कर रहा होगा। अब तक जल्दी सोने की आदत नही बदली होगी उसकी, जनाब रात भर सिर्फ और सिर्फ काम के लिए जाग सकते है, वह भी आँखों में नींद लेकर। इस वर्ष अपने घर वालों के साथ वह अपना बर्थडे मना रहा होगा और साथ में ही कुछ पुराने बचपन के दोस्त जिन्हें वो दोस्त नही परिवार मानता है। उसके चेहरे की मुस्कुराहट को मैं ना जाने कैसे लेकिन महसूस कर सकती हूँ, ऐसा लगता है मानो वह मेरे साथ ही है, मेरे पास और मैं खुशी में ज़ोर-ज़ोर से हैप्पी बर्थडे का गाना गा रही हूँ, केक का छोटा सा बाइट कट कर के उसे अपने हाथों से खिला रही हूँ। वह सारे तोहफे जो इस बार भी उसके लिए बनाया है व...